कचड़े के ढेर से राजा की तरह 5 स्टार होटल में सोने का सफर|vicky roy photographer biography in hindi

कचड़े के ढेर से राजा की तरह 5 स्टार होटल में सोने का सफर|vicky roy photographer biography in hindi

कचड़े के ढेर से राजा की तरह 5 स्टार होटल में सोने का सफर|vicky roy photographer biography in hindi

नमस्कार दोस्तों आपका hindikahaniyauniverse.com में स्वागत है। इस blog पे आपको inspirational Hindi kahani, vicky roy photographer biography in hindi इन्ही तरह के और भी  Hindi kahaniya पढ़ने को मिलेंगे ।

कहानी की शूरुआत

यह कहानी है एक ऐसे लड़के की जो कभी कचड़े उठाता था। कचड़े के ढेर पर सोता था आज वह दुनिया घूमता है 5 star hotels मे रहता है।

vicky roy आज दुनिया के बेस्ट फोटोग्राफर मे से एक है। उसके चाहने वालो की कमी नही है आज। आखिर कैसे हुआ यह सब आगे देखते हैं।

विकी एक गरीब परिवार से था। उसके पिता दिन के 10 से 20 रूपय कमाते थे यह बहुत ही कम आमदनी थी। इतने मे परिवार चलाना बहुत ही मुस्किल था। 

लेकिन विकी के पिता चाहते थे की विकी कम से कम 10वी तक की अपनी पढ़ाई पूरी करे।

विकी जब 3 साल का था तब उसके माता पिता ने विकी को नाना नानी के पास भेज दिया। ताकी वह 10वी तक अपनी पढ़ाई पूरी कर सके। लेकिन विकी को उसके नाना नानी के घर पर बहुत सताया जाता था। 

उसे छोटी छोटी बातो पर मारा पिटा जाता था। घर से बाहर नही निकल सकता था। विकी की घर मे ही बंद रहना पड़ता था।

धीरे धीरे विकी का दुम घुटने लगा, वह अपने माँ बाप के पास भी नही जा सकता था। ऐसा चलता रहा विकी कुछ सालो तक यह सहता रहा।

 लेकिन एक ऐसा वक़्त आया जब विकी से यह सब सहन नही हो रहा था। तब उसने घर से भाग जाने का निर्णय लिया।

एक दिन मौका देख कर विकी ने अपने मामा के जेब से 1000 रूपय चुराये और वह वहां से भाग गया। 

उसे कुछ नही पता था की क्या करना है,कहां जाना है। वह बस इस घुटन वाली जिन्दगी से दूर जाना चाहता था।

वह सीधा भागता हुआ रेलवे स्टेशन गया और वहां दिल्ली की ट्रैंन लगी हुई थी वह ट्रेन मे चढ़ गया और पहूच गया दिल्ली। 

उस समय उसकी उम्र थी 11 साल वह पहली बार किसी नये शहर मे आया था उसे बहुत घबराहट हो रही थी वह बहुत डरा हुआ था।

जब स्टेशन से बाहर निकला तब वह और ज्यादा डर गया वह दौडता हुआ वापस स्टेशन के अंदर चला गया। 

वह रोता हुआ इधर उधार भटक रहा था। उसे समझ नही आ रहा था की अब क्या करे, दुसरे बच्चों को अपने माता पिता के साथ देख कर उसे और रोना आ रहा था। 

तभी कचड़ा उठाने वाले कुछ बच्चे विकी के पास आये और पुछा तुम घर से भाग कर आया है क्या? वह बच्चे विकी की हालत को समझते थे।

उन बच्चो के कहा तुम रोना बंद करो हम तुम्हे एक ऐसी जगह पर ले कर जायेंगे जहां सब ठीक हो जाएगा।

विकी उन बच्चो के साथ चला जाता है। वह बच्चे उसे एक shelter home ले कर जाते हैं जिसका नाम था सलाम बालक (1988 मे मीरा नायर की एक फिल्म आई थी जिसका नाम था सलाम बॉम्बे उस फिल्म के प्रेमियर से जो पैसे आये थे उस पैसे से यह ट्रस्ट बनाया गया था।) 

 विकी ने वहां जा कर देखा की यहां भी बच्चो को बंद कर के रखते है, वह वहां से भी भाग गया। 

वह वापिस स्टेशन आ गया। फिर से वह कचड़ा उठाने वाले बच्चे मिले विकी ने कहा वहां पर तो बच्चों को बंद कर के रखते हैं। तब उन बच्चो ने बोला हमारे साथ काम करेगा?

 विकी ने हां मे जवाब दिया और वह उन बच्चो के साथ काम पर लग गया।

स्टेशन से बोतल उठाते फिर स्टेशन से ही पानी भर कर ट्रैन मे बेच देना, स्टेशन से कचड़ा उठाना और कबाडी मे बेच देना ऐसा काम विकी ने शुरु कर दिया। 

लेकिन मुसीबत यही कम नही हुई हर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एक दादा होता था। सभी बच्चे उसे अंदर काम करते थे। 

वह सारे पैसे उसे देते थे बदले मे वह उन्हे खाना और सुरक्षा देता दुसरे प्लेटफॉर्म के दादा और लोगो से।

जब सुबह सुबह ट्रेन आती तो यह ट्रेन की किचन मे घुस जाते थे अगर किचन वाले अच्छे होते थे तो कभी कभी अच्छा खाना मिल जाता था जो बच्चा हुआ होता था। 

कभी कभी कुछ अच्छी चीज़ जैसे आइसक्रीम मिल जाती थी तो यह बाहर जा कर उसे बेच देते थे ताकी कुछ पैसे मिल जाये।

सोने के लिये उन बच्चो ने कचड़े का real life inspirational stories of success in hindi ढेर चुना था। वहां से उन्हे कोई भगाता नही था और वह देर तक सो सकते थे। 

स्टेशन की वॉशिंग लाईन मे वह नहाते और अपने कपड़े धोते थे फिर वही कपड़े फिर से पहन लेते थे। फिर वही से अपने कचड़े उठाने के काम पर निकल जाते थे। 

विकी को घुमने का बहुत सौख था उसे दिल्ली आये हुए 5 महीने हो गये थे। विकी ने स्टेशन की जिन्दगी छोड़ दी और दिल्ली मे काश्मीरी गेट के पास एक होटल मे काम मांगने पहूच गया। 

वहां उसे काम मिल भी गया, काम था बर्तन धोने का। विकी ने काम शुरु कर दिया वह सुबह 5 बजे उठ कर काम पर लग जाता था और 12 बजे रात तक बर्तन धोता था।

उस होटल मे एक दिन एक आदमी आता है। उसने विकी को बोला तुम यह सब क्या कर रहे हो अभी तुम्हारी उम्र पढने लिखने की है। 

तब विकी ने कहां साहब मुझे कौन पढायेगा। उस आदमी ने कहा चलो मै एक जगह जानता हूं वहां तम्हे पढायेंगे।

सलाम बालक का ही एक दुसरा shelter home था अपना घर वहां स्कूल मे पढ़ने वाले बच्चे थे। वहां विकी की पढ़ाई चालू हो गई।

 विकी पढ़ने मे भी अच्चा होने लगा उसके रिजल्ट अच्छे आते थे। लेकिन 10वी मे उसके 48% आये। तब वहां के लोगो ने बोला तुम यह पढ़ाई छोडो और कोई कोर्स कर लो जिसमे भी तुम्हे रुचि हो।

विकी की photography की शुरुआत | vicky roy photographer biography in hindi

विकी जब शुरु शुरु मे वहां आया था तब वहां एक फोटोग्राफी वर्कशॉप हुआ था जो लोग उसमे सलेक्ट हुए थे उन्हे श्री लंका और इन्डोनेशिया ले जाया गया था। विकी को घुमने का बहुत सौख था। उसने फोटोग्राफी चुन लिया।

अपके सर ने पुराना एक कोदक का एक कैमरा दिया और कहा यह लो और करो फोटोग्राफी। विकी उस कोदक कैमरे से अपने दोस्तो की तस्वीर khicta था।

 कुछ वक़्त के बाद वहां एक ब्रिटिश फोटोग्राफर आया उसे सलाम बालक के बच्चो पर एक documentry फिल्म करना था। सर ने कहा हमारे यहां एक लडका है जिसे फोटोग्रफी सीखना है क्या आप उसे सिखायेंगे

उस ब्रिटिश से कहा हां हां क्युं नही उसे मेरे पास भेज दो। विकी बहुत खुश हो गया की अब मुझे कुछ सिखने को मिलेगा। 

लेकिन ब्रिटिश को हिन्दी नही आती थी और विकी को इंग्लिश इसके कारन विकी को कुछ समझ नही आता था। वह बस ट्राइपॉड लेकर इधर उधार उस ब्रिटिश के साथ घूमता था। उसने देखा की शूट कैसे होता है।

गुरु से मुलाकात

बचपन में कचड़े के ढेर मे सोता था आज राजा की तरह 5 स्टार होटल में सोता है|life story of vicky roy

जब वह 18 साल का हुआ उसे अपना घर छोडना पड़ा क्युंकि 18 साल के बाद वहां नही रह सकते। सलाम बालक ने ही विकी के लिये एक गुरु ढूंढ लिया था। 

वह भी दिल्ली से ही था जिसका नाम था अनय मान। वह अच्छे और बड़े फोटोग्राफर थे। विकी जा कर उनसे मिला उन्होने कहा कल से आ जाओ 3000 सैलरी रहेगी एक मोबाइल और एक मोटरसाइकिल दूँगा।

 महीने मे 10 से 12 दिन काम रहेगा। लेकिन 3 साल तक काम करना है तभी रहना। 

विकी ने पुछा ऐसा क्यूं तब उन्होने कहा शुरु शुरु मे लोग आते है और आधे अधुरे ज्ञान के साथ छोड़ कर चले जाते हैं और उन्हे लगता है की उन्हे सब कुछ आ गया है। 

अगर तम्हे सच मे कुछ सिखना है तो कम से कम 3 साल लगेंगे तब तुम्हे अच्छे से सभी चीज़ो का ज्ञान होगा।

विकी अपने बॉस के साथ काम करने लगा। vicky roy photographer biography in hindi वह सभी जगह जाने लगा,उसके घूमने के सपना पुरा होने लगे थे। 2 साल मे उसने 300 से ज्यादा boarding passes इकठ्ठे कर लिये थे। 

उसकी पूरी जिन्दगी बदल गई थी वह अलग अलग देशो मे घूमने लगा था 5 star hotels मे रहता था। 

उसे यह सब सपना लग रहा था। विकी ने बहुत कुछ सिखा वह बहुत मेहनत भी करता था। फोटोग्राफी ने उसकी जिन्दगी बदल दी थी।

अनय ने विकी को हर चीज़ सिखाई कैसे बात करना है,कैसे व्यवहार करना है,कैसे कपड़े पहनने है, कैसे रहना है हर एक चीज़ उसने विकी को सिखाई। 

कभी विकी से गलती भी हो जाती थी तो विकी को अकेले मे बोलते थे की यह गलत था अगली बार ध्यान रखना वह सब के सामने उसे कुछ नही बोलते थे।

विकी की achievement

विकी अब एक अच्छा फोटोग्राफर बन गया था। अब वक़्त था कुछ कमाल करने का। विकी ने 2007 मे अपना पहला exhibition लगाया जिसका नाम था street dreams इसमे उसने अपने पुरानी जिन्दगी को फोटो मे कैद करने की कोशिश की थी। 

इसके लिये उसने भाडे पर कैमरा लिया था जिसकेे लिए उसने जॉब भी किया था। उसने होटल मे वेटर का भी काम किया। 

exhibition हिट हो गया 3 बार लंदन मे हुआ, 2 बार साउथ अफ्रीका में हुआ, Vietnam मे भी विकी को invite किया गया। sponsers भी मिलने लगे थे लोग तस्वीरे भी खरीदते थे। अब विकी के पास पैसे आने लगे थे

विकी ने एक competition मे पार्ट लिया जिसमे पूरी दुनिया से 5000 से भी ज्यादा लोगो ने हिस्सा लिया था। 

यह competition था best photographer बनने का विकी इस competition मे नम्बर 4 आया था।

उसके बाद world trade center की construction साइट की creative photography के लिये विकी को चुना गया था। उसे न्यू यॉर्क बुलाया गया था। 

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वहां विकी के photography से लोग इतने impress हुए की उन्होने ने विकी की photography की आगे की पढ़ाई के लिये ICP मे admission मे काफी मदद की।

ICP (international centre of photography) दुनिया के बेस्ट photography schools मे से एक है।

न्यू यॉर्क के बाद विकी ने पीछे मुड कर नही देखा। विकी आज एक international photographer है। आज विकी काफी मसहूर है। 

दुनिया के बड़े बड़े कंपनीयो के साथ उनके बड़े बड़े projects पर विकी ने काम किया है। विकी आज देश विदेश घूमता है। उसे buckingham palace मे भी invite किया गया था।

आज विकी अपने सपने को जी रहा है। photography के industry मे आज विकी बहुत बडा नाम है।

विकी के कहानी बहुत ही inspirational story है। हमे इसके जिन्दगी से सिखना चाहिये, एक बच्चा जो कचड़े के ढेर मे सोता था और ट्रेन मे बचे खाना खाता था। आज वह 5 star hotel मे रहता है।

आप कही से भी हो भले ही आपको कुछ हो या ना हो आप अपना काम करो अपने कदम आगे बाढ़ाओ तभी जिन्दगी और किस्मत दोनो पलटेगी।

धन्यवाद ।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको vicky roy photographer biography in hindi पसंद आई होगी ।

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